Hanumant's Law Journal

Equality before Law and Equal Protection of Law

How to invite Godess Lakshmi to your home this Diwali PDF Print E-mail
Written by Hanumant's Law Journal   
Thursday, 06 October 2011 15:16
वैकुण्ठ में भगवान विष्णु और माँ लक्ष्मी शेषशय्या पर वार्तालाप कर रहे थे और पीछे से नारद मुनि कान लगा कर सुन रहे थे. अब नारद मुनि के पेट में कहाँ बात पचती है, सो उन्होंने तुरंत ही ये आखों देखा हाल मुझे भेजा, जो मैं आपको सुना रहा हूँ -


भगवान विष्णु ने बड़े विचलित स्वर में लक्ष्मी से पूछा, "प्रिये, कुछ समय से मैं देख रहा हूँ की तुम मेरे प्रिय देश भारत के वासियों से विमुख हो रही हो. वहां गरीबी, भुखमरी, और हताशा बढ़ रही है. महंगाई ने हाहाकार मचा रखा है. लेकिन फिर भी तुम उनकी पीड़ा का निवारण कर उन्हें कृतार्थ नहीं करतीं. वे तुम्हे बड़े प्रेम से दीपावली पर बुलाते हैं पर तुम नहीं जातीं. उनसे अचानक यह रुक्षता क्यों, प्रिये?"


लक्ष्मी ने उत्तर दिया, "हे प्राणनाथ, सदियों से भारत मेरा भी प्रिय देश रहा है. मैंने दीपावली के पवित्र अवसर पर सदा भारत वासियों पर अपना स्नेह बरसाया है. परन्तु आपने सत्य ही कहा. इन दिनों मेरी इच्छा होते हुए भी मैं भारत नहीं जा पाती. इसका कारण मैं आपको बताती हूँ."


"त्रेतायुग के समय से मैं दीपावली के अवसर पर अपने वाहन हंस पर बैठ कर भारत वासियों के घरों की सजावट का अवलोकन करती आयी हूँ. जिस घर में भी मैंने प्रज्वलित दीप देखा, उस गृहस्थ को मैंने कृतार्थ किया. परन्तु पटाखों के शोर और धुंए के कारण अब यह मेरे लिए यह असंभव हो गया है. भारत के वातावरण में प्रवेश करते ही मेरी आखें जलने लगती हैं, मस्तिष्क पीड़ा से फटने लगता है, और जूए से रक्त चाप बढ़ने लगता है. हंसराज भी खांस-खांस कर निःशक्त हो जाते हैं. ऐसी परिस्थिति में मुझे वापस लौटना पड़ता है."


"तो फिर इसका निवारण क्या है, प्रिये?", भगवन विष्णु ने पुछा.


"हे दयानिधान, स्वित्ज़रलैंड का वातावरण अत्यंत ही निर्मल है. इसीलिए जिन भारतवासियों के स्विस बैंकों में अकाउंट हैं, मैं आजकल उन्हीं परम भक्तों पर सारा स्नेह बरसा देती हूँ. लेकिन चूंकि मुझे अन्य भारतवासी भी प्रिय हैं, इसलिए जिन भक्तों के घर पटाखों के शोर और धुंए से मुक्त होंगे, मैं उन्हें भी परम द्रव्य लाभ दूँगी.", लक्ष्मी ने उत्तर दिया.

Diwali is a festival of lights and not of noise and smog. Say NO to fire crackers.

Comments (8)
  • Anonymous
    thastu tumahra kalyan ho
  • Anonymous
    nice boss
  • bidnurkar
    :idea: nice story tell this story all people
  • ram  - reason
    you simply want to say please stop pollution there is no need to include Lord vishnu and narad .............. because ya public ha sab janti ha .....

    hahahhaah just kiding ............nice
  • akshit  - laxmi prapti ka shlok
    plzz mujhe laxmi prapti ka shlok de di jiye
  • bhaskar  - GOOD ADVICE FOR POLLUTION FREE INDIA
    :0 INDIAN SHOULD MAKE POLLUTION FREE INDIA.
  • bhaskar
    :D :angry: :angry-red: :evil: :idea: :love: :x :no-comments: :ooo: :pirate: :?: :( :sleep: :) ;) ;)) :0
  • Mieszkaniec  - How to invite Godess Lakshmi to your home this Diw
    To co przeczyta?am na pewno mi si? przyda, dzi?ki za wpis

    wnetrze.home24****.pl
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Last Updated on Thursday, 06 October 2011 15:21
 

Interesting Proposals!

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Hanumant Deshmukh
B.Tech.(IT-BHU, Varanasi),
CFA, LLB (Hons)

Sunil Ramchandani
B.Com. LLB(Hons)

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